औरत, जिसमें समाई दुनिया सारी है….

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strong confident woman open arms to sunrise at sea

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कोई हवा से बातें करती है
कोई चौके-छल्के मारती है
कोई ग्लैमरस है, तो कोई
देश की रक्षा करती है
हर बार, हर क्षेत्र में
अपनी मौज़ूदगी का
डंका बजवाती है।

सिर्फ अपने घर को ही नहीं
पूरे देश को अपना
परिवार मानती है
मेहनत से नहीं डरती है
खुद पर विश्वास रखती है
चाहे कितना भी रोके जमाना
अपनी जीत से
मुंह तोड़ जवाब देती है

जिन हाथों में मेहंदी लगाती है
उन्हीं से हथियार भी उठाती है
कमजोर समझने की
गलती मत करना
जिद पर आ जाए तो
पूरी दुनिया हिला देती है

घर में लक्ष्मी है, पार्वती है
पर रणभूमि में चंडी है
न सीता है, न द्रौपदी है
बस अपने ही रंग में है
नहीं तलाश है उसे
किसी राजकुमार की
अपनी दुनिया की वह
खुद ही राजकुमारी है
एक औरत ही है
जिसमें समाई
दुनिया सारी है।।

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