30 C
Jabalpur,IN
Tuesday, July 23, 2019
Home Tags विभा परमार कविता

Tag: विभा परमार कविता

वो नहीं

हम अकेले ज़्यादा खुश है ना किसी का इन्तज़ार ना किसी से इज़हार ना किसी से उम्मीद ना किसी से निराश लिखने में तो हम ये सब लिख ही...

प्रेम

मैं बचाव नहीं कर पाई अपने भावों का जिसमें बहता ही रहा प्रेम!  बावरी होकर मैंने तुझे अपना सबकुछ मान लिया  जैसे मान लेता है एक भक्त अपने...